sonbahis girişsonbahissonbahis güncelgameofbetvdcasinomatbetgrandpashabetgrandpashabetエクスネスMeritbetmeritbet girişMeritbetVaycasinoBetasusBetkolikMeritbetmeritbetMeritbet girişMeritbetgiftcardmall/mygiftfradcasibomcasibom girişroketbetroketbet girişroketbetroketbet girişvipslotvipslot girişvipslotvipslot giriştimebettimebet giriştimebettimebet girişjokerbetjokerbet girişjokerbetjokerbet girişharbiwinharbiwin girişharbiwinharbiwin girişcasinoroyalcasinoroyal girişcasinoroyalcasinoroyal girişbahislionbahislion girişbahislionbahislion girişalobetalobet girişalobetalobet girişavrupabetavrupabet girişavrupabetavrupabet girişeditörbeteditörbet girişeditörbeteditörbet girişenjoybetenjoybet girişenjoybetenjoybet girişbetkolikbetkolik girişbetkolikbetkolik girişbetnanobetnano girişbetnanobetnano girişbetciobetcio girişbetciobetcio girişteosbetteosbet girişteosbetteosbet girişjojobetjojobet girişjojobetjojobet girişjojobetjojobet girişjojobetjojobet girişcasibomcasibom girişjojobetjojobet girişcasibomcasibom girişcasibomcasibomjojobetjojobetteosbetteosbet girişholiganbetholiganbet girişimajbetimajbet girişjasminbetjasminbet girişlimanbetlimanbet girişinterbahisinterbahis girişkingroyalkingroyal girişklasbahisklasbahis girişklasbahisklasbahis girişelexbetelexbet girişelexbetelexbet girişbetvolebetvole girişbetvolebetvole girişbetperbetper girişbetperbetper girişbetpasbetpas girişbetpasbetpas girişklasbahisklasbahis girişklasbahisklasbahis girişbetperbetper girişbetperbetper girişbetpasbetpas girişbetpasbetpas girişbetcupbetcup girişbetcupbetcup girişbelugabahisbelugabahis girişbelugabahisbelugabahis girişmilanobetmilanobetngsbahisngsbahisperabetperabetpiabetpiabetrestbetrestbetvenusbetvenusbettruvabettruvabetcasibom girişteosbetteosbet girişholiganbetholiganbet girişimajbetimajbet girişjasminbetjasminbet girişlimanbetlimanbet girişinterbahisinterbahis girişkingroyalkingroyal girişgoldenbahisgorabethayalbahissafirbettulipbetverabetromabet

थाइलैंड-कंबोडिया में तनाव चरम पर: सैन्य ठिकाने पर एयरस्ट्राइक, जंग के हालात

Admin
7 Min Read

बैंकॉक
 थाईलैंड और कंबोडिया के बॉर्डर पर गुरुवार सुबह शुरू हुई झड़पों के बाद दोनों देशों में जंग जैसे हालात बनते जा रहे हैं। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गोलीबारी का आरोप लगाया है। सीमा पर सैनिकों की गोलीबारी के बाद थाईलैंड ने फाइटर जेट F-16 की तैनाती कर दी है और हवाई हमले भी किए हैं। थाईलैंड की बमबारी से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इससे भारत के पड़ोस में एक भीषण जंग छिड़ने का अंदेशा पैदा हो गया है। दोनों देशों में इस लड़ाई की वजह दशकों पुराना सीमा विवाद है।

कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि थाईलैंड ने उसके क्षेत्र में हवाई हमले किए हैं। कंबोडिया ने बताया है कि थाईलैंड की सेना ने F-16 लड़ाकू विमानों से वाट काऊ किरी स्वरक पैगोडा की ओर जाने वाली सड़क पर बम गिराए गए हैं। थाईलैंड ने छह F-16 विमान लड़ाई में उतारने और कंबोडिया के दो क्षेत्रीय सैन्य मुख्यालयों को नष्ट करने का दावा किया है। इससे भड़के कंबोडिया ने कहा है कि वह इन हमलों का जवाब देगा।

दोनों देश कैसे बने दुश्मन
कंबोडिया और थाईलैंड पड़ोसी हैं लेकिन आज ये दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसी देश जंग के मुहाने पर हैं। मौजूदा तनाव की शुरुआत 28 मई को हुई, जब झड़प में एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई। यह घटना एमराल्ड ट्रायंगल नामक क्षेत्र में हुई, जो थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस की साझा सीमा है। यह क्षेत्र लगातार विवादित बना हुआ है क्योंकि थाईलैंड और कंबोडिया दोनों क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर अपना दावा करते हैं। 29 मई के बाद से दोनों देश एक दूसरे पर हमलावर हैं।

कंबोडिया और थाईलैंड 817 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। फ्रांस का 1863 से 1953 तक कंबोडिया पर कब्जा रहा। ऐसे में फ्रांस ने ज्यादातर बॉर्डर तय किया। इसका आधार 1907 के थाईलैंड और कंबोडिया के प्राकृतिक जलविभाजक रेखा (वाटरशेड लाइन) के समझौते पर आधारित था। थाईलैंड ने बाद के वर्षों में इस नक्शे पर यह कहते हुए एतराज जताया कि डांगरेक पर्वत पर स्थित 11वीं शताब्दी के प्रीह विहियर मंदिर को कंबोडिया में रखा गया है। नक्शे पर मतभेदों के चलते सीमा के आसपास के क्षेत्र ऐसे बन गए, जिन पर दोनों देश अपना दावा करते हैं।

थाई सेना ने बताया कि कंबोडिया ने भारी हथियारों से लैस सैनिकों को तैनात करने से पहले क्षेत्र में एक निगरानी ड्रोन भेजा था. उन्होंने बताया कि गोलीबारी में कम से कम दो थाई सैनिक घायल हो गए.

कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता माली सोचेता ने कहा, 'हमारे सैनिकों ने थाई सैनिकों के आक्रमण के खिलाफ अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया. थाईलैंड ने कंबोडिया की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया है.'

कंबोडिया के नेताओं ने क्या कहा?

कंबोडिया के पूर्व नेता हुन सेन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि थाई सेना ने कंबोडिया के दो प्रांतों पर गोलाबारी की है. पोस्ट में उन्होंने लोगों से अपील की कि वो घबराए नहीं.

वहीं, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने फेसबुक पर कहा, 'कंबोडिया ने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों को सुलझाने की इच्छा जताई है, लेकिन इस बार जब हम पर हथियारों से आक्रमण किया गया तो हमारे पास भी हथियारों से उसका जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.'

थाईलैंड के प्रधानमंत्री क्या बोले?

थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई ने कहा कि कंबोडिया के साथ उसका विवाद 'नाजुक स्थिति' में बना हुआ है और इसे सावधानीपूर्वक अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से सुलझाया जाना चाहिए.

गुरुवार की दोनों देशों के बीच झड़प से एक दिन पहले थाईलैंड ने कंबोडिया से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था. इससे पहले सीमा पर बारूदी सुरंग विस्फोट में एक थाई सैनिक घायल हो गया था जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा और थाईलैंड ने अपना राजदूत वापस बुला लिया था. बुधवार को थाईलैंड ने यह भी कहा कि वो कंबोडिया के राजदूत को देश से निष्कासित करेगा.

मई में दोनों देशों के बीच हुए सशस्त्र संघर्ष में एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई थी जिससे दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं. पिछले दो महीनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं और सीमा पर सैनिकों की उपस्थिति बढ़ा दी है.

इंटरनेशल कोर्ट में मुकदमा
कंबोडिया ने 1959 में मंदिर विवाद को लेकर थाईलैंड को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में घसीटा और 1962 में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रीह विहियर कंबोडियाई क्षेत्र में आता है। थाईलैंड ने उस समय इसे स्वीकार किया लेकिन तर्क दिया कि आसपास की सीमाएं विवादित हैं। इससे सीमा रेखाएं और जटिल हो गईं। ये तनाव 2008 में बढ़ा, जब कंबोडिया ने प्रीह विहियर मंदिर के लिए यूनेस्को विश्व-धरोहर का दर्जा मांगा। जुलाई में मंदिर को मान्यता मिलने के बाद सीमा क्षेत्र के पास कंबोडियाई और थाई सैनिकों के बीच सैन्य झड़पें शुरू हो गईं।

ये झड़पें लगातार चलती रहीं और 2011 में चरम पर पहुंच गईं। इस साल 36,000 लोग विस्थापित हुए। दोनों देशों में सैन्य संघर्ष रुका लेकिन अंदर-अंदर एक तनाव चलता रहा। थाईलैंड ने सीमा विवादों को सुलझाने में मदद के लिए एक संयुक्त सीमा आयोग (जेबीसी) की स्थापना भी की लेकिन इसकी बैठकों से कोई महत्वपूर्ण नतीजा नहीं निकला है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के मुकदमों और कई झड़पों के बाद भी चीजें जस की तस हैं। हालिया हफ्तों में इन्होंने काफी खराब रूप से लिया है।

Share This Article
Leave a Comment
WordPress Market Helix – Yoga Club Calendar WordPress Theme Hellix - Modern Architecture & Interior Design WordPress Theme Hello Friday – Elegant Lifestyle Blog Theme Helmets – WordPress Theme for Handyman Helpass – Charity WordPress Theme HelpDesk 3 – The professional Support Solution HelpDesk – WordPress Support Center Theme Helpful – Article Feedback Plugin for WordPress Helpgrove – Nonprofit Charity WordPress Theme HelpGuru – A Self-Service Knowledge Base WordPress Theme