पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश को नंबर वन बनाने के लिए, अधिक से अधिक लोगों को सोलर पैनल लगवाने के लिए किया जाए प्रोत्साहित : एस.पी.गोयल

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मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर फार्मर रजिस्ट्री, पराली प्रबंधन, पीएम सूर्यघर योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष की समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने फार्मर रजिस्ट्री बनाने में हो रही सुस्ती पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जनपदों के लिए निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में प्रगति अत्यंत कम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए। इस कार्य में रुचि न लेने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए फार्मर रजिस्ट्री बनाने के कार्य की जिलाधिकारियों द्वारा प्रतिदिन समीक्षा की जाए। क्षेत्रीय कर्मचारियों हेतु प्रतिदिन रजिस्ट्री बनाने का टारगेट निर्धारित किया जाए। गांवों में आयोजित होने वाले कैंपों की पूर्व सूचना गांववासियों को दी जाए ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें।

मुख्य सचिन ने पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों को अपनाने के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाए। इसके बावजूद यदि कोई किसान खेत में फसल अवशेष जलाता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

मुख्य सचिव ने जनपद फर्रुखाबाद और खीरी द्वारा रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के सभी लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अन्य सभी जनपदों को निर्देश दिए कि वे भी शत-प्रतिशत लंबित प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय समितियां की प्रत्येक सप्ताह एक बैठक आयोजित कर लंबित शत-प्रतिशत प्रकरणों को आगामी 15 दिनों निस्तारित किया जाए। साथ ही, नोडल पुलिस और मेडिकल ऑफिसरों को त्वरित निस्तारण के लिए भी निर्देशित किया जाए।

मुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान इसके लाभ को अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश को नंबर वन बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, शासकीय कर्मियों और संभ्रांत नागरिकों को योजना के प्रति जागरूक करने तथा इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। ऊर्जा विभाग, बैंक अधिकारियों और वेंडर्स के मध्य बेहतर समन्वय के लिए जिलाधिकारियों द्वारा मासिक और मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) द्वारा साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों द्वारा लोन आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित या रिजेक्ट न किया जाए। उन्होंने बैंकर्स और वेंडर्स से आपसी तालमेल के साथ कार्य करने से योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, जनपदों में वेंडर्स की संख्या बढ़ाने और कम प्रदर्शन वाले शहरों में उपभोक्ता जागरूकता अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए।

बैठक में विशेष सचिव (ऊर्जा) श्री इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने 946.08 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सौर संयंत्र क्षमता स्थापित की है, जिससे लगभग 3800 एकड़ राज्य भूमि की बचत हुई है। 13 फरवरी 2024 से वेंडर्स की संख्या 400 से बढ़कर 4000 हो गई है, जिससे राज्य में 48,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।

उत्तर प्रदेश ने ₹39,73.5 करोड़ के सौर पैनल खरीदे, जिससे ₹476.8 करोड़ का जीएसटी लाभ प्राप्त हुआ। प्रतिदिन 40 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसका लाभ अगले 25 वर्षों तक मिलेगा। लाभार्थियों को प्रतिवर्ष 936 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। जुलाई 2025 से उत्तर प्रदेश ने मासिक स्थापनाओं में गुजरात और महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया है। दैनिक स्थापना दर जून 2025 में 500 सिस्टम प्रतिदिन से बढ़कर अक्टूबर 2025 में 1,000 सिस्टम प्रतिदिन हो गई है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण लीना जोहरी, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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