सीएम योगी ने प्रभावित 22 परिवारों को अंगवस्त्र, फल की टोकरी तथा सहायता किट प्रदान की

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद बहराइच भ्रमण के दौरान तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के अन्तर्गत कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र में बसे ग्राम भरथापुर का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने 29 अक्टूबर, 2025 की देर शाम कौड़ियाला नदी में हुई नाव दुर्घटना से प्रभावित परिवारों से सिंचाई विभाग कॉलोनी परिसर स्थित विश्राम गृह में भेंट कर सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में लापता 08 व्यक्तियों/बच्चों के परिवारजन को 04-04 लाख रुपये के डेमो चेक तथा प्रभावित 22 परिवारों को अंगवस्त्र, फल की टोकरी तथा सहायता किट प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ग्राम भरथापुर की दुरूह स्थिति का जायज़ा लेने तथा नाव दुर्घटना से प्रभावित परिवारों से भेंट करने के उद्देश्य से आए हैं। यहां आने के पूर्व उन्होंने ग्राम भरथापुर का हवाई सर्वेक्षण भी किया है। वहां पर जीवन खतरनाक है। यह अत्यन्त दुःखद घटना है। भरथापुर गांव रिजर्व फॉरेस्ट के बीच में जंगल में बसा हुआ है। जहां पर कुल 118 परिवार रह रहे हैं। इनके पास अपना कोई पक्का मकान नहीं है, क्योंकि वन्य अधिनियम के अन्तर्गत उन्हें इसकी सुविधा प्राप्त नहीं होती है। इसलिए वहां पर इनका जीवन बहुत ही दुरूह हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यन्त दुःख की बात है कि बाज़ार से वापस लौटते समय यह दुःखद घटना घटित हुई। जिसमें नाव में सवार 22 लोगों में से 13 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 01 महिला को अपनी जान गवानी पड़ी। लापता हुए 08 लोगों की खोजबीन के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आज 01 शव मिलने की सूचना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना स्थल जंगलों के बीच में है। नदी के उस क्षेत्र में मगरमच्छ एवं अन्य खतरनाक जीव मौजूद हैं। रेस्क्यू कार्य के लिए नौकाएं लगायी गयी हैं। रेस्क्यू के लिए जब जल को रोकने का प्रयास हुआ, तो सैकड़ों की संख्या में मगरमच्छ ऊपर आ गये, जिससे स्थिति और भी दुरूह हो गयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से आज उन्होंने लापता लोगों के पीड़ित परिवारों को 04-04 लाख रूपये का आर्थिक सहयोग किया है। ग्राम भरथापुर के 118 परिवारों का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास करने के लिए शासन द्वारा 21 करोड़ 55 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी उपयुक्त स्थान पर जमीन की व्यवस्था कर इन परिवारों को बसाया जाय। प्रत्येक विस्थापित परिवार को 15 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने के साथ ही उनकी सम्पत्ति व परिसम्पत्तियों का भी उचित मुआवज़ा दिया जायेगा। इसके लिए राजस्व विभाग द्वारा आकलित भूमि सम्पत्ति का मूल्य 01 करोड़ 92 लाख रुपये, लोक निर्माण विभाग द्वारा आकलित परिसम्पत्तियों का मूल्य 01 करोड़ 88 लाख रुपये, वन विभाग द्वारा आकलित निजी वृक्ष सम्पत्ति का मूल्य 04 लाख 15 हजार रुपये तथा अनुग्रह राशि के रूप में 17 करोड़ 70 लाख रुपये, कुल 21 करोड़ 55 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।

मुख्यमंत्री ने विस्थापित होने वाले परिवारों के पुनर्वास के लिए अगले एक महीने के अन्दर भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन को निर्देश दिए। इसके लिए सरकारी ज़मीन अथवा यदि आवश्यकता हो, तो शासन से अतिरिक्त धनराशि की मांग कर जमीन की व्यवस्था की जाए, जहां पर भरथापुर के नाम से कॉलोनी बनायी जा सके।

मुख्यमंत्री ने भरथापुरवासियों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में शौचालय की व्यवस्था, गाय-भैंस आदि बांधने की व्यवस्था की जाय। वहां आंगनबाड़ी केन्द्र, प्राथमिक विद्यालय के साथ-साथ अन्य मूलभूत सुविधायें भी प्रदान की जायें, जिससे यह परिवार सुरक्षित रह सकें और इन्हें किसी प्रकार का कोई भय न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दुःख की इस घड़ी में आपके साथ है और सभी पीड़ितजन का हर प्रकार का सहयोग किया जायेगा। कोई अन्य वन्य गांव या कोई भी ऐसी जगह, जो घने जंगलों के बीच में है और वहां पर लोग रहने को मजबूर हैं, उन्हें भी तत्काल विस्थापित करके सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिससे उनकी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रूप से अपना जीवनयापन कर सकें।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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