अवैध डिवाइडर कट के खिलाफ कार्रवाई शुरू, NHAI सक्रिय — सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने जताई चिंता

Admin
10 Min Read

भोपाल 

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) पर रोजाना भीषण हादसे हो रहे हैं। भारत सरकार भी समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहा है। लेकिन, हाईवे के किनारे बने ढाबा और पेट्रोल पंप हादसों को न्योता दे रहे हैं।जिसके चलते ना सिर्फ हाईवे के बीच में वाहन खड़े हो रहे हैं बल्कि दुर्घटना भी तेजी से बढ़ी है। एनएच 30 के स्लीमनाबाद से जबलपुर होते हुए धूमा (सिवनी) तक अवैध तरीके से 60 से अधिक स्टापेज बनाए गए हैं। जिसके लिए ढाबा और पेट्रोल पंप संचालकों ने दोनों सड़कों के बीच में मिट्टी से भरकर बराबर कर दिया है।

ऐसे में अब राइट से लेफ्ट और लेफ्ट से राइट जाने वाले वाहन कहीं से भी टर्न हो जाते हैं, नतीजन बड़ी दुर्घटना हो जाती है। सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन बीते एक माह से मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। उन्होंने देखा कि इंदौर, भोपाल, नरसिंहपुर में हाइवे पर अवैध डिवाइडर कट बनाए गए हैं।

फायदे के लिए हाईवे पर कर लिया कब्जा कटनी जिले के स्लीमनाबाद से लेकर जबलपुर होते हुए नागपुर रोड में धूमा के बीच में एनएचएआई ने जांच की। इस दौरान 60 से अधिक स्थानों में हाईवे के बीच में अवैध रास्ता और स्टापेज बने मिले।

एनएचएआई की तरफ से नोटिस भी दिए गए, लेकिन स्थिति जस की तस है। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी कमेटी ने इस और ध्यान देते हुए राज्य सरकार और एनएचएआई को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बीते एक सप्ताह के दौरान 50 से अधिक ऐसे स्थानों को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त किया गया है।

शिवहरे ढाबे की सबसे खराब स्थिति जबलपुर-धूमा के पास में शिवहरे ढाबा और पेट्रोल पंप है। दोनों के मालिक एक ही है। इन्होंने अपने फायदे और अधिक से अधिक ग्राहकों को रोकने के लिए हाईवे के बीच में मिट्टी डालकर प्लेन कर दिया। ऐसे में नागपुर से जबलपुर और जबलपुर से नागपुर जाने वाली अधिकतर गाड़ी इसी ढाबे या फिर पेट्रोल पंप पर रुकती है।

एनएचएआई ने कई बार नोटिस जारी किया है। पुलिस से शिकायत भी की, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।

बुधवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने हाइवे के बीच में बिछाई गई मिट्टी को जेसीबी से अलग किया है। हिदायत दी है कि अगर फिर से ऐसा कृत्य किया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR कराई जाएगी।

एनएचएआई का शुरू हुआ अभियान सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर सप्रे सड़कों पर हो रहे हादसे को जानने के लिए लगातार अलग-अलग रोड में घूम-घूमकर देख रहे हैं।

हाल ही में जस्टिस अभय मनोहर जब इंदौर, भोपाल और नरसिंहपुर दौरे पर थे, तब उन्होंने देखा कि हाईवे के बीच में अवैध तरीके से रोड को कट करते हुए डिवाइडर बनाए गए हैं, जिसके चलते वाहन चालक कहीं से भी गाड़ी को टर्न कर देता है।

जिसके चलते गंभीर सड़क हादसे होते है। चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर के सख्त निर्देश के बाद राज्य सरकार और एनएचएआई ने अवैध डिवाइडर कट बनाने वालों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। जबलपुर में बीते एक सप्ताह के दौरान 50 से अधिक वह स्थान जहां पर कि डिवाइडर बनाए गए थे, उन्हें बंद किए गए हैं।

लोकल लोग बनाते हैं दबाव एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने दैनिक भास्कर से कहा कि कई दिनों से हिदायत दी जा रही है कि पेट्रोल पंप और ढाबे के सामने अवैध तरीके से बनाए गए डिवाइडर कट को बंद कर दिया जाए, क्योंकि इससे दुर्घटनाएं हो रही है, लेकिन लोकल के लोगों के कारण हमारी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया।

धीरे-धीरे ये लोग अपनी सुविधा अनुसार हाईवे पर डिवाइडर कट बनाते चले गए।

जब हाईवे बनाया जा रहा था, तब यह प्लान किया था कि बीच में जो जगह छोड़ी गई है, उसमे पौधे लगेंगे। लेकिन, रोड किनारे के ढाबे और पेट्रोल पंप संचालकों ने अनअथोराइज एक्सेस बना रखे हैं। कई बार इन्हें समझाया भी, पर नहीं माने।

एक सप्ताह में पूरे अवैध डिवाइडर खत्म किए जाएंगे एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर जितने भी अवैध डिवाइडर कट बने हैं, उन्हें खत्म किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में अब दोबारा कोई इस तरह का काम ना करता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर भी थाने में दर्ज करवाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि एनएचआई की एक टीम अब लगातार ऐसे लोगों पर निगरानी भी रखेगी, जो कि हाईवे में अवैध काम करते है। एनएचएआई के मुताबिक हाईवे में अभी तक स्लीमनाबाद से धूमा के बीच 40 लोगों की जान गई हैं, जिसमें 6 लोगों ने अवैध डिवाइडर के चलते जान गंवाई है।

8 अगस्त को चेयरमैन लेंगे बैठक सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन इन दिनों मध्यप्रदेश के दौरे में है। अभी तक उन्होंने भोपाल,इंदौर सहित कई अन्य जिलों में जाकर हाईवे और सड़क की स्थिति देखी। 8 अगस्त को चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार मे होगी।

जिसमें कलेक्टर,एसपी सहित ट्रैफिक पुलिस, एनएचएआई, स्टेट हाईवे के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी की बैठक में भी अवैध डिवाइडर कट की समीक्षा की जाएगी।

हाईवे पर अचानक नहीं लगा सकते ब्रेक…मानें जाएंगे दोषी, क्या बोली सुप्रीम कोर्ट

रोड सेफ्टी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है. इस फैसले में कोर्ट ने ये स्पष्ट किया कि हाईवे पर बिना चेतावनी अचानक वाहन रोकना लापरवाही माना जाएगा. कोर्ट ने ये टिप्पणी एक ऐसे मामले की सुनवाई के दौरान की जिसमें एक गंभीर सड़क हादसे में एक युवक का पैर काटना पड़ा. ये मामला साल 2017 में तमिलनाडु के कोयंबटूर से जुड़ा हुआ है.
हाईवे पर अचानक ब्रेक बन सकता है बड़ा खतरा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे तेज स्पीड से सफर के लिए बनाए जाते हैं. ऐसे में अगर कोई ड्राइवर अचानक गाड़ी रोकता है और पीछे आने वाले वाहनों को संकेत नहीं देता है, तो ये न सिर्फ उसकी बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डाल सकता है. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के कई हाईवे पर शोल्डर या स्पीड ब्रेकर की पूर्व सूचना नहीं होती, ऐसे में ड्राइवर की सतर्कता और जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है.
इमरजेंसी में भी देना होगा संकेत

कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि कुछ परिस्थितियों में जैसे कि इमरजेंसी,खराबी या कोई बाधा आने पर वाहन को रोकना जरूरी हो सकता है, लेकिन फिर भी ड्राइवर की जिम्मेदारी बनती है कि वह पीछे आने वाले वाहनों को समय रहते संकेत दे ताकि हादसा टाला जा सके. कोर्ट ने कहा “हाईवे पर तेज रफ्तार सामान्य बात है. अगर कोई ड्राइवर रुकने की योजना बना रहा है, तो उसे दूसरों को अलर्ट करना जरूरी है ये उसकी जिम्मेदारी है.
सुप्रीम कोर्ट ने तय किया जिम्मेदारी का बंटवारा

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अरविंद कुमार ने कहा कि हालांकि हकीम बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक चला रहा था और उसने सामने चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी नहीं रखी थी, लेकिन दुर्घटना की शुरुआत उस कार के अचानक रुकने से हुई.
कोर्ट ने जिम्मेदारी को तीन भागों में बांटा

कार ड्राइवर 50% जिम्मेदार

बस ऑपरेटर 30% जिम्मेदार

हकीम (बाइक सवार) 20% जिम्मेदार

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से ये संदेश साफ है कि हाईवे जैसे तेज रफ्तार वाले मार्गों पर अचानक ब्रेक लगाना बिना संकेत दिए गंभीर लापरवाही मानी जाएगी. इससे होने वाले हादसों में वाहन चालक की बड़ी जिम्मेदारी तय की जा सकती है. ये फैसला देशभर के ड्राइवरों को सतर्कता और जिम्मेदारी से वाहन चलाने की सीख देता है, खासकर जब वे नेशनल हाईवे पर सफर कर रहे हों.

 

 

TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment
WordPress Market Vestry – Church Vethouse – Pet Care & Veterinary Theme Vetrio – Veterinary Clinic & Pet Care Elementor Template Kit VETS – Veterinary Medical Health Clinic WP Theme Vevent - Event Planner & Organizer Elementor Template Kit VG Cooku – Clean, Simple WooCommerce WordPress Theme VG Emodern – Furniture Theme with 9 HomePages VG iFoody – Responsive WooCommerce WordPress Theme VG Mimosa – Modern Fashion WooCommerce WordPress Theme VG Oregon – Responsive WooCommerce WordPress Theme