डिजिटल पेमेंट यूजर्स सावधान! 1 अगस्त से इन गलतियों से होगी दिक्कत

Admin
4 Min Read

नई दिल्ली

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से कई फीचर्स को ल‍िमिट किया जाएगा यानी लोग बार-बार फीचर यूज नहीं कर पाएंगे। इनमें बैलेंस चेक करना, ट्रांजैक्‍शन स्‍टेटस देखना और ऑटोपे की अनुमति देना जैसी सर्विसेज शाामिल हैं।

गूगलपे, फोनपे, पेटीएम या अन्‍य यूपीआई ऐप्‍स के जरिए ऑनलाइन पेमेंट करने वाले लोगों के लिए 1 अगस्‍त से कुछ नियमों में बदलाव होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से कई फीचर्स को ल‍िमिट किया जाएगा यानी लोग बार-बार फीचर यूज नहीं कर पाएंगे। दिन की एक लिमिट होगी। इनमें बैलेंस चेक करना, ट्रांजैक्‍शन स्‍टेटस देखना और ऑटोपे की अनुमति देना जैसी सर्विसेज शाामिल हैं। आसान भाषा में समझाएं तो 1 अगस्‍त से आप बार-बार अपने फोनपे या पेटीएम पर बैलेंस नहीं चेक कर पाएंगे। आपको कुछ आदतें बदलनी होंगी, वरना ऑनलाइन पेमेंट से संब‍ंधित कामों में परेशानी आएगी।

नहीं कर पाएंगे बार-बार बैलेंस चेक
लोगों की आदत होती है 10 रुपये पेमेंट करते हैं और फ‍िर देखते हैं कि पेटीएम में कितने पैसे बचे हैं। ये अब नहीं चलेगा। रिपोर्टों के अनुसार, 1 अगस्‍त से कोई भी यूजर एक दिन में सिर्फ 50 बार अपना बैलेंस चेक कर पाएगा। यह लिमिट एक आम यूजर के लिए काफी है। ऐसा नहीं लगता कि उसे कोई परेशानी होगी, लेकिन वो लोग जो छोटा-मोटा बिजनेस करते हैं और अपने पर्सनल अकाउंट पर ग्राहक से पैसा लेते हैं, उन्‍हें दिक्‍कत आ सकती है।

क्‍यों नहीं कर पाएंगे बार-बार बैलेंस चेक
रिपोर्टों के अनुसार, जब भी कोई यूजर अपना बैलेंस चेक करता है, तो वह पूरा प्रोसेस एक नेटवर्क के जरिए होता है। इससे नेटवर्क पर लोड होता है और कई बार यूपीआई सिस्‍टम क्रैश होने जैसी समस्‍याएं भी देखने को मिलती हैं। हालांकि एनपीसीआई का आदेश है कि सुबह 10 बजे से दाेपहर 1 बजे और शाम 5 बजे से रात 9:30 बजे के दौरान ही बैलेंस चेक को लिमिट किया जाएगा। यानी इस समयावध‍ि के बाद या पहले आप अपना बैलेंस चेक कर पाएंगे बिना किसी लिम‍िट के।

ऑटो पेमेंट पर भी होगी टाइम की लिमिट
बहुत से यूजर्स अपने पेमेंट्स को ऑटो मोड में रखते हैं। उदाहरण के लिए नेटफ्लिक्‍स का सब्‍सक्र‍िप्‍शन, एसआईपी का पैसा या बिजली-पानी से संबंध‍ित बिलों को भी ऑटोपे पर लगाते हैं। यह भी अब एक निश्‍चित समय पर ही होगा। रिपोर्टों के अनुसार, तमाम ऑटोप सेवाओं के लिए ऑथराइजेशन और डेबिट प्रोसेसिंग सिर्फ नॉन-पीक आवर्स में हो पाएगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 9:30 बजे को पीक आवर्स में गिना जाएगा। यह लिमिट इसी दौरान लागू रहेगी। इस दौरान बैकएंड पर होने वाले प्रोसेस और कस्टमर्स की ओर से बार-बार इस्तेमाल की जाने वाली सर्विसेज पर लिमिट और रोक रहेगी।

क्‍यों उठाए जा रहे ये कदम
यह सारी कवायद नेटवर्क पर आने वाले लोड को कम करने के लिए की जा रही है ताकि यूपीआई पेमेंट से संबंधित सुविधाएं क्रैश ना करें। एनपीसीआई ने साफ तौर पर कह दिया है कि बैकों और पेमेंट ऐप्‍स को यह नियम मानने होंगे। सुनिश्चित करना होगा कि यूजर्स की रिक्‍वेस्‍ट को लिमिट किया जाए। अगर बैंकों और यूपीआई ऐप्‍स ने नियमों का पालन नहीं किया तो उनके खिलाफ एक्‍शन भी लिया जा सकता है। अभी यह देखा जाना बाकी है कि आम ग्राहकों पर नए नियमों का कितना असर होता है।

Share This Article
Leave a Comment
WordPress Market Hotel WordPress Theme | Hotel Leisure HotelFT - Hotel Booking WordPress Theme Hoteller Booking WordPress Hotelzo – Luxury Hotel WordPress Theme + RTL Ready Hoteria – Hotel Service Elementor Template Kit Hotline Call Center &Telemarketing Elementor Template Kit HotLock | Locksmith & Security Systems WordPress Theme + RTL Hotte – Take Away Food Elementor Template Kit Housedeco – Interior Design Elementor Template Kit Houseland – Real Estate WordPress Theme