बिहार के बगहा के शास्त्रीनगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग विधवा मां को उसके इकलौते बेटे ने घर से निकाल दिया. पीड़िता सदरून नेशा ने बताया कि बेटा जावेद अख्तर उर्फ मुन्ना ने उनके साथ मारपीट की और अब घर, जमीन और खेत पर कब्जा कर लिया है. आरोप है कि बेटे ने उनकी संपत्ति अपने नाम करवाने के लिए फर्जी हस्ताक्षर भी करवा दिए. पीड़िता के पति एक रिटायर्ड BDO थे और अब दुनिया में नहीं हैं.
सदरून नेशा ने बताया कि बेटा खुद को आरजेडी का नेता बताता है और आए दिन उन्हें प्रताड़ित करता है. एक बार वह खेत पर गई थीं, तो बेटे ने बंदूक दिखाकर वहां से भगा दिया. इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन कोई खास कार्रवाई नहीं हुई.
अब यह वृद्ध मां न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं. उनका कहना है कि बेटा उन्हें मानसिक रूप से बीमार साबित करने की कोशिश भी कर रहा है, ताकि संपत्ति पर पूरी तरह से कब्जा जमा सके.
सेमरा थाना में इस मामले में केस संख्या 59/25 दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पीड़िता ने रामनगर की SDPO और महिला आईपीएस अधिकारी दिव्यांजलि से भी मुलाकात की है.
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया
इस घटना ने सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. साथ ही, आरजेडी की भी छवि पर असर पड़ा है, क्योंकि आरोपी जावेद पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ में प्रदेश महासचिव हैं.